Loan Schemes

Sr. No Loan Amount Interest Rates(Agriculture) Interest Rates(Non Agriculture)
1 Upto 200000 @10.50% @12.00%
2 200001 - 300000 @10.50% @12.50%
3 300001 - 500000 @11.50% @13.00%
4 Above 500000 @12.50% @14.00%

Documents Required for Loans


प्रदेश के किसानों का अपना बैंक जिसे आप प्रारम्भ में “सहकारी भूमि बन्धक बैंक सिमित (Co-operative Land Mortage Bank Ltd.) उसके पश्चात “सहकारी भूमि विकास बैंक समिति ( Co-operative Land Development Bank Ltd.) और वर्तमान में “ दि हि.प्र. राज्य सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक समिति (The H P Co-operative Agriculture & Rural Development Bank Ltd.) के नाम से जानते हैं, पिछले पांच दसको से भी लम्बी अवधि, आसान किस्तों व साधारण ब्याज की दर से कृषि, कृषि से सम्बन्ध अन्य गतिविधियों व गैर कृषि कार्यों हेतु ऋण उपलब्ध करवानें में प्रयत्नशलि रहा है।

जैसा की सर्व विदित है कि हिमाचल को सेब राज्य या फल राज्य की संज्ञा दी गई है, फल उधानों के विकास व नए उधान लगाने के लिए हमारे बैंक द्वारा किया गया वित पोषण उल्लेखनीय है। बैंक द्वारा तीन दशक पूर्व 5-10 हजार रुपयों की वित्त सुविधा प्रदान किए जाने की परिणामस्वरूप आज उस एक-डेढ़ एकड़ के बाग़ से लाखों रुपयों की आय प्राप्त होती है । ऐसे बागवान आधुनिक शहरों में प्राप्त सुविधाओं से अधिक सुविधा सम्पन्न हैं। यदि प्राकृतिक प्रोकोपों का कहर न व्यापे तो हमारे बागवान देश भर में सबसे समृद्ध व सम्पन्न होने का गौरव प्राप्त कर सकते हंक । बैंक द्वारा वर्तमान में निम्नलिखित ऋण योजनायें चलाई जा रही है:-



अ कृषि क्षेत्र :-

1. भूमि सुधार योजना :-

बंजर भूमि को खेती योग्य, उबड़ खाबड़, भूमि\ को समतल करने, सीढ़ीनुमा खेत बनाने व् विकसित भूमि की घेराबंदी करने हेतु!

2. लघु सिंचाई योजनायें :-

सिंचाई हेतु कचा-पक्का टैंक बनाने, कुंए खुदवाने, बोरवेल व् टयुबेल लगाने, कुहल निर्माण, टपक सिचाई, इकाई लगाने, सप्रिन्क्लर व् उठाऊ जल योजना लगाने हेतु!

3. कृषि विप्दन अधोसंरचना निर्माण योजना :-

अनाज भन्डार ग्रेअडिंग/पैकिंग के गोदाम बनाने व मशीन लगाने तथा कोल्ड स्टोर स्थापित करने हेतु

4. बागवानी / फल उत्पादन योजना :-

सेब व अन्य गुटलीदार फलो के बगीचे लगाना ,फूल उत्पादन ,खुम्ब उत्पादन फूल व बेमौसमी सब्जिओ के उत्पादन हेतु ग्रीन हाउस बनाने , रेशम उत्पादन , पोपलर इत्यादि लगाने हेतु ।

5. कृषि यंत्रीकरण योजना :-

ट्रेक्टर / ट्रोली , वीडर थ्रेचार,चेफ कटर व कृषि कार्यों में प्रयुक्त होने वाले अन्य उपकरणों की खरीद हेतु |

6.कृषि से सम्बंधित अन्य गतिविधियां :-

दुधारू पशु खरीदने, मुर्गी पालन, भेड़/बकरी पालन, मछली पालन,सुअर पालन ,खरगोश पालन , मधुमखी पालन, भार ढोनेवाले पशु खरीदने, वर्मी कम्पोस्ट इकाई लगाने , एग्री क्लीनिंग व बिज़नसकेंद्र खोलने हेतु |



ब गैर कृषि क्षेत्र :-

1. वाहन खरीद योजना :-

लघु भारवाहक, यात्री व निजी वाहन तथा जे.सी.बी इत्यादि खरीदने हेतु |

2. होटल/व्यावेसिक परिसर :-

होटल, गेस्ट हाउस, दुकाने व व्यावेसिक परिसर इत्यादि निर्माण हेतु |

3. लघु एवं कुटीर उधोग योजना :-

विभिन्न उपकरणों की मुरम्मत हेतु इकाई व रज्जु मार्ग (रोप वे) लगाने, व ढाबा खोलने, ओफ़्सेट प्रिंटिंग प्रेस व गारमेन्ट्स की दुकान इत्यादि खोलने हेतु |



स ग्रामीण आवास योजना :-

1. भवन निर्माण हेतु :-

ग्रामीण क्षेत्रों में नये भवन बनाने व पुराने भवनों की मुरम्मत हेतु |



ऋण प्राप्त करने की विधि:-


सर्वप्रथम प्रर्थी को बैंक की सदस्यता लेनी होती है जिसके लिए मुवलिंग 100 रुपये सदस्यता शुल्क व मुवलिंग 100 रुपये दाखिला शुल्क जमा करवाना होता है इसके अतिरिक्त ण के लिए आवेदित राशी का 1% प्रोसेसिंग शुल्क भी जमा कहना होता है। प्रतिभूमि स्वरूप रहन हेतू निम्नलिखित प्रपत्र/ कागजात संलगन करने होते हैं :-

(1) नक़ल जमाबन्दी, खसरा गिरदावरी व एक साला औसत।

(2) फोटो पहचान पत्र व चार पासपोर्ट साईज फोटो प्रतियां।

(3) ऋण की योजनानुसार अनुमान/ प्रोजेक्ट रिपोर्ट/ कोटेशन, नक्शा व ततीमा आदि।

(4) एक शपथ पत्र रहन रखी भूमि सम्बन्धी जानकारी दी हो।


शाखा कार्यालय में ऋण प्रार्थना पत्र व उपरोक्त दस्तावेज़ों की प्राप्ति के बाद शाखा प्रबंधक द्वारा दस्तावेज़ों की जांच व निरिक्षण के उपरांत अपनी सिफारिश सहित मु. 3.00 लाख रुपये के ऋण शाखा स्तर पर व इससे अधिक राशी के ऋण मुख्य कार्यालय को स्वीकृत हेतु प्रेषित किये जाते हैं। मुख्य कार्यालय स्तर पर वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा ऋण पपत्रों का अवलोकन करने के बाद बैंक प्रबंधन द्वरा स्वीकृत प्रदान की जाती है। ऋण स्वीकृत के पश्चात शाखा कार्यालय से प्रार्थी को सम्बन्धित उप पंजीयक प्रदेश राजस्व विभाग (तहसीलदार/ नायब तहसीलदार) के समक्ष भूमि रहन का पंजीकरण करने पश्चात ऋण राशि का वितरण किया जाता है।

ऋण की समय अवधि ऋण उदेयों के मासिक, त्रेमासिक, अर्धवार्षिक व वार्षिक आधार पर ली जाती है। बैंक की ऋण अदायगी नियमानुसार करने पर ऋण धारकों को ब्याज दर में 1% की छूट दी जाती है व समय पर किस्ते ना चुकाने पर दण्डात्मक ब्याज का प्रावधान भी है ।

बैंक दवारा वितरित ऋणों पर ली जाने वाली ब्याज दरें समय –समय पर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) द्वारा निर्धारित पुनर्विण पोषाण (Refinance) ब्याज के आधार पर बैंक प्रबन्धन द्वारा निर्धारित की जाती है


सावधि जमा योजनायें


बैंक ने वर्ष 1999 का सावधि जमा योजना शुरू की है जो वर्ष से ५ वर्ष तक की है जिसमें ब्याज दर अन्य बैंकों से अधिक दी जाती है। वर्तमान में फिक्स डिपाजिट (FDR) व मासिक जमा योजना (RD) के माध्यम से जमा राशी बैंक के धारको से लेकर प्रदेशो में ही विभिन्न ऋण योजनओं में निवेश की जाती है। बैंक शिध्र ही दैनिक जमा योजना भी शुरू कर रहा है जिस पर आकर्षक ब्याज दरें निविश्कों/ जमा धारकों को दी जायेगी।

बैंक प्रबन्धन अपने अधिकारीयों व कर्मचारियों के माध्यम से प्रदेश के लोगों की सहायता करने हेतू प्रयासरत है व इसे सुचारू रूप से चलाने में बैंक के सदस्यों से सहयोग की अपेक्षा करता है की प्राप्त किए गए ऋण सग समय पर किस्ते जमा करते रहें ताकि बैंक अन्य जरूरतमंद वितीय सुविधाओं से वंचित दूर दराज क्षेत्रों के किसानों, बागवानों व कामगारों को मांग के अनुसार समय-समय पर विभिन्न कार्यों हेतु अविलम्ब ऋण उपलब्ध करा सकें।

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